तिरुलडीह में बालू खेल पर बवाल – पूर्व जिप उपाध्यक्ष ने तिरुलडीह पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, 400 के चालान पर 700 बालू ढुलाई का दावा, कहा – एजेंसी कर रहा सीज बालू की चोरी
तिरुलडीह में बालू खेल पर बवाल – पूर्व जिप उपाध्यक्ष ने तिरुलडीह पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, 400 के चालान पर 700 बालू ढुलाई का दावा, कहा – एजेंसी कर रहा सीज बालू की चोरी
कुकडू, 06 अगस्त: सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में कथित अवैध बालू परिवहन और भंडारण को लेकर नया विवाद सामने आया है। पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं तिरुलडीह के ग्रामप्रधान अशोक साव उर्फ मांझी साव ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जब्त किए गए बालू लदे हाइवा को नियमों की अनदेखी करते हुए छोड़ दिया गया, जबकि वाहन में चालान से अधिक बालू लदा था।
अशोक साव के अनुसार, बुधवार रात ग्रामीणों ने बालू लदे एक हाइवा को पकड़कर जिला खनन विभाग को सूचना दी थी। खनन विभाग के निर्देश पर तिरुलडीह पुलिस वाहन को जब्त कर थाना ले गई। उनका आरोप है कि हाइवा में करीब 700 CFT बालू था, जबकि उसके पास केवल 400 CFT का चालान था। इसके बावजूद देर रात वाहन को छोड़ दिया गया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तिरुलडीह थाना क्षेत्र के सापारुम में जब्त किए गए लगभग एक लाख CFT बालू की खनन विभाग द्वारा नीलामी की गई है। आरोप है कि नीलामी प्राप्त एजेंसी ईचागढ़ के जारगोडीह स्थित अपने स्टॉक यार्ड में बालू ले जा रही है और इसी की आड़ में अन्य जब्त बालू का भी अवैध परिवहन किया जा रहा है।
अशोक साव का कहना है कि एजेंसी 400 CFT का चालान बनवाकर 700 CFT बालू की ढुलाई कर रही है। साथ ही जमशेदपुर के नाम पर चालान निर्गत कर बालू को ईचागढ़ स्थित स्टॉक यार्ड में उतारा जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में तिरुलडीह पुलिस की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, उन्होंने संबंधित एजेंसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जब्त बालू की कथित चोरी की जांच करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में तिरुलडीह पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यह समाचार पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब मिलना शेष है।