एसपी मनोज स्वर्गियारी की रणनीति का कमाल – कोल्हान में माओवादी नेटवर्क को सबसे बड़ा झटका, तीन इनामी नक्सली हथियारों के साथ गिरफ्तार

MANBHUM UPDATES
4 Min Read

एसपी मनोज स्वर्गियारी की रणनीति का कमाल – कोल्हान में माओवादी नेटवर्क को सबसे बड़ा झटका, तीन इनामी नक्सली हथियारों के साथ गिरफ्तार

सरायकेला, 06 अगस्त : सरायकेला-खरसावां पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मजबूत नेतृत्व, सटीक खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों के बेहतर समन्वय से वर्षों पुरानी सबसे बड़ी चुनौतियों का भी प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, एसएसबी और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई में तीन कुख्यात इनामी माओवादियों की गिरफ्तारी ने कोल्हान और सारंडा में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी बिरेन सिंह उर्फ सागर उर्फ रवि सरदार तथा उसकी पत्नी 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़िया उर्फ मौरा उर्फ नीपू शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी से संगठन की रणनीतिक और सैन्य क्षमता दोनों कमजोर हुई हैं तथा अब शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश तक पहुंचने का रास्ता भी आसान हो सकता है।

छापेमारी के दौरान सुरक्षाबलों ने एक AK-47 रायफल, एक इंसास रायफल, 9 एमएम पिस्टल, AK-47 के 361 जिंदा कारतूस, 42 पिस्टल की गोलियां, कोडेक्स वायर, वॉकी-टॉकी, पल्सर मोटरसाइकिल समेत अन्य सामग्री बरामद की है। बरामद हथियार इस बात का संकेत हैं कि गिरफ्तार नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में भी हो सकते थे।

पुलिस के अनुसार मदन महतो करीब 25 वर्षों तक माओवादी संगठन में सक्रिय रहा और उसके खिलाफ झारखंड तथा पश्चिम बंगाल में 41 मामले दर्ज हैं। उस पर सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोप है। वहीं बिरेन सिंह संगठन का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था और उसके खिलाफ 43 मामले दर्ज हैं। मीना पहाड़िया विस्फोटक तैयार करने, आईईडी लगाने और रसद व्यवस्था संभालने में अहम भूमिका निभाती थी।

प्रारंभिक पूछताछ में तीनों के एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से हथियारों के ठिकानों, लेवी तंत्र, सहयोगियों और भूमिगत दस्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी, जिससे आगे की कार्रवाई और तेज होगी।

इस अभियान की सफलता पर सीआरपीएफ के कमांडेंट पवन कुमार सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी की सराहना करते हुए कहा कि लोडेड अत्याधुनिक हथियारों से लैस खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार करना बेहद जोखिम भरा कार्य था। उन्होंने कहा कि एसपी ने साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए अभियान को सफल बनाया। उनका यह भी कहना था कि अब क्षेत्र में गिने-चुने नक्सली ही बचे हैं और जल्द ही उनके खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

कोल्हान में लगातार मिल रही इन सफलताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरायकेला-खरसावां पुलिस का नक्सल विरोधी अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों में भी इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगेगा।

Share This Article