चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडल को जिला बनाने की मांग, कांग्रेस नेता ने सीएम को भेजा स्मार पत्र

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चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडल को जिला बनाने की मांग, कांग्रेस नेता ने सीएम को भेजा स्मार पत्र

सरायकेला, 15 जुलाई : कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष फूलकांत झा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक स्मार पत्र भेज कर महत्वपूर्ण मांग की है। स्मार पत्र के माध्यम से सीकेपी (चक्रधरपुर) पोड़ाहाट, घाटशिला तथा चांडिल अनुमंडल को जिला बनाने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर अनुमंडल को बने लगभग 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी इसे जिला का दर्जा नहीं मिल सका है। पश्चिमी सिंहभूम के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे चाईबासा, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, मनोहरपुर, गोइलकेरा, मझगांव आदि के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 80 से 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता है।

उन्होंने कहा कि घाटशिला अनुमंडल के बहरागोड़ा, चाकुलिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी जिला मुख्यालय जमशेदपुर तक पहुंचने में काफी कठिनाई होती है। वहीं, चांडिल अनुमंडल, जो लगभग 24 वर्षों से अस्तित्व में है, जहां लोगों को भी सरायकेला जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।

वरिष्ठ नेता फूलकांत झा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मानसून सत्र में इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडल को जिला घोषित की जाए, ताकि कोल्हान क्षेत्र के लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा, विकास योजनाओं का लाभ और सुशासन सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से प्रशासन आम जनता के और करीब पहुंचेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

कोल्हान झारखंड सरकार की राजनीतिक हृदयस्थली रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में कोल्हान की 14 विधानसभा सीटों में से 12 सीटों पर महागठबंधन को जनता ने अपना प्रचंड समर्थन देकर विजय दिलाई। वहीं, कोल्हान के दो लोकसभा क्षेत्रों में से एक सीट पश्चिमी सिंहभूम से भी महागठबंधन के प्रत्याशी को जनता ने विजयी बनाया, जो इस क्षेत्र के लोगों के विश्वास और समर्थन का स्पष्ट प्रमाण है।

ऐसे में कोल्हान की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। इससे जनता को प्रशासनिक सुविधाएं सुलभ होंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

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