हूल दिवस पर जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, महिलाओं से कहा– हर बदलाव की लड़ाई में निभाएं अग्रणी भूमिका
कुकडू, 30 जून : हूल दिवस के अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कुकडू प्रखंड के सिंदूरपुर स्थित अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में हूल क्रांति के महान वीरों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर मधुश्री महतो ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव के साथ-साथ फूलो-झानो जैसी वीरांगनाओं ने भी अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष में अपनी अमिट भूमिका निभाई। उनका साहस और बलिदान आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई हो या अलग झारखंड राज्य आंदोलन, महिलाओं ने हर दौर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आज भी शिक्षा, राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं, जिससे समाज निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मधुश्री महतो ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों, समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए हमेशा सजग और संगठित रहें। उन्होंने कहा कि हर महिला में नेतृत्व की क्षमता होती है। जरूरत केवल आत्मविश्वास, एकजुटता और आगे बढ़ने के संकल्प की है। किसी भी सामाजिक आंदोलन, जनहित के कार्य या जरूरतमंदों की सहायता के लिए महिलाओं को सदैव अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं जागरूक और सशक्त होंगी, तभी समाज और राष्ट्र वास्तविक अर्थों में प्रगति करेगा। कार्यक्रम का समापन हूल क्रांति के शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।