चांडिल जलाशय का निरीक्षण कर मत्स्य निदेशक ने बढ़ाया मत्स्यजीवियों का हौसला, उत्पादन बढ़ाने और आजीविका सशक्त करने पर दिया जोर
चांडिल, 30 जून : झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार एवं उप निदेशक (मत्स्य) शंभू प्रसाद यादव ने मंगलवार को चांडिल जलाशय तथा चांडिल फिश फीड मिल का निरीक्षण कर जिले में मत्स्य उत्पादन, जलाशय प्रबंधन और मत्स्यजीवियों की आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मत्स्यजीवी समितियों के साथ बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चांडिल बांध स्वर्णरेखा विस्थापित मत्स्यजीवी सहकारी समिति तथा चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर मत्स्य उत्पादन, जलाशय के वैज्ञानिक प्रबंधन, मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, विपणन व्यवस्था तथा मत्स्यजीवियों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। समिति के सदस्यों ने अपनी समस्याओं और सुझावों से अधिकारियों को अवगत कराया, जिस पर विभाग की ओर से आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया गया।
मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि जलाशयों का वैज्ञानिक प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का संचयन, मत्स्य संसाधनों का संरक्षण तथा मत्स्यजीवी समितियों की सक्रिय भागीदारी से मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र मत्स्यजीवियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए तथा समितियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जाए।
इसके बाद अधिकारियों ने चांडिल फिश फीड मिल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने फिश फीड निर्माण प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का जायजा लेते हुए उच्च गुणवत्ता वाले संतुलित मत्स्य आहार के उत्पादन, वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया अपनाने, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल के उपयोग तथा आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर दिया। साथ ही उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, मत्स्यजीवी समितियों के सुदृढ़ीकरण और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिले और मत्स्य पालकों की आय में निरंतर वृद्धि हो।
इस अवसर पर चांडिल स्वर्णरेखा बांध विस्थापित मत्स्यजीवी सहकारी समिति के अध्यक्ष सरदीप कुमार नायक ने चांडिल बांध की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने तथा मत्स्य पालकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। अधिकारियों ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मौके पर जिला मत्स्य पदाधिकारी रौशन कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी राज कुमार तुरी, चांडिल स्वर्णरेखा बांध विस्थापित मत्स्यजीवी सहकारी समिति के अध्यक्ष सरदीप कुमार नायक, विभाग के अन्य पदाधिकारी तथा दोनों मत्स्यजीवी समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।