चांडिल : कथित फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में जांच तेज, उपायुक्त बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
चांडिल, 10 जून: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में कथित फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले को लेकर जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को एक व्यक्ति के जन्म प्रमाणपत्र को लेकर उत्पन्न संदेह के बाद चांडिल प्रखंड कार्यालय में उससे पूछताछ की गई।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को चांडिल प्रखंड कार्यालय पहुंचाया, जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति ने स्वयं को जमशेदपुर का निवासी बताया। उसने कहा कि उसके बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में जुगसलाई के एक व्यक्ति ने मदद की थी, जिसके लिए उसने लगभग छह हजार रुपये भुगतान किए थे। वह अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के सिलसिले में चांडिल आया था।
बताया जाता है कि व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाणपत्र में उसका स्थायी पता जमशेदपुर के टेल्को-खड़ंगाझार क्षेत्र का दर्ज है, जबकि बच्चे का जन्म स्थान चांडिल प्रखंड अंतर्गत रुचाप पंचायत दर्शाया गया है। इसी आधार पर प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, संबंधित प्रमाणपत्र के फर्जी होने की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। ऐसे में मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
इधर, ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय के निरीक्षण पर पहुंचे उपायुक्त सरायकेला-खरसावां से जब इस मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्गत किए गए जन्म प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन रद्द कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि संबंधित पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा मामले से जुड़े वीएलई (VLE) की आईडी भी रद्द कर दी गई है। उपायुक्त के अनुसार पूरे मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।