विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर प्रशासन सतर्क, पात्र मतदाताओं की 100% मैपिंग सुनिश्चित करने पर जोर
सरायकेला, 6 जून : आगामी मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन विभाग के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में अनावश्यक रूप से दर्ज न हो। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों एवं संबंधित अधिकारियों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
उपायुक्त ने मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, तथ्याधारित एवं त्रुटिरहित बनाने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही मतदान केंद्र और मतदाता सूची से जुड़ा होना चाहिए। इसके लिए प्रशासन, राजनीतिक दलों तथा अन्य संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है, जबकि 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके अलावा दावा-आपत्ति, दस्तावेज सत्यापन, मतदाता मैपिंग और वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।
बीएलओ और बीएलए की भूमिका अहम
बैठक के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सफल एवं निष्पक्ष संचालन में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी मतदान केंद्रों पर बीएलए की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची 10 जून 2026 तक उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि यह केवल निर्वाचन विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों से आम लोगों तक एसआईआर की प्रक्रिया, उद्देश्य, आवश्यक दस्तावेजों और समयसीमा की जानकारी पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि व्यापक जनजागरूकता अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया से वंचित न रह जाए तथा मतदाता सूची में केवल सत्यापित और पात्र मतदाताओं का ही समावेश हो।
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया गया तथा उनके सुझावों पर भी चर्चा हुई।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां
अर्हता तिथि : 01 अक्टूबर 2026
प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य : 20 जून से 29 जून 2026
बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन : 30 जून से 29 जुलाई 2026
मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन : 29 जुलाई 2026 तक
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन : 05 अगस्त 2026
दावा एवं आपत्ति अवधि : 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026
दावा-आपत्तियों का निष्पादन : 05 अगस्त से 03 अक्टूबर 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन : 07 अक्टूबर 2026।