चांडिल, 23 अप्रैल : चांडिल स्थित नौरंग राय सूर्य देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में गुरुवार को वीर कुंवर सिंह की जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के माहौल से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की परंपरा के अनुसार वीर कुंवर सिंह की तस्वीर के समक्ष प्रभारी प्रधानाचार्य सुब्रोत चटर्जी एवं परिमल चंद्र महतो द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस दौरान विद्यार्थियों ने गीत-संगीत, नृत्य एवं भाषण के माध्यम से वीर कुंवर सिंह के वीरता पूर्ण जीवन और उनके योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्रों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यों एवं दीदीयों ने भी वीर कुंवर सिंह के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश और समाज के प्रति समर्पण, साहस और संघर्ष की भावना ही महान व्यक्तित्वों की पहचान होती है।
इस अवसर पर आचार्यों ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां उद्धृत करते हुए विद्यार्थियों को अपने हक और अधिकार के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अधिकार केवल मांगने से नहीं मिलते, बल्कि उसके लिए संघर्ष और प्रयास आवश्यक होता है। साथ ही यह भी बताया कि अन्याय के सामने अत्यधिक विनम्रता कभी-कभी कायरता समझी जाती है, इसलिए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सजग और साहसी रहना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने वीर कुंवर सिंह के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।