साप्ताहिक जनता दरबार में गूंजे जनसरोकार, उपायुक्त ने दिए समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश

सरायकेला, 10 फरवरी : समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और नगर क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में भूमि विवाद, सीमांकन, अतिक्रमण, अवैध खनन और मुआवजा भुगतान जैसे कई अहम मुद्दे उठे। गम्हरिया अंचल कार्यालय अंतर्गत पंजी-II में संधारण, सीमांकन तथा अवैध अतिक्रमण से मुक्ति से जुड़े मामलों पर उपायुक्त ने राजस्व पदाधिकारियों को विधिसम्मत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। वहीं, जिले में अवैध ईंट-भट्टों के संचालन पर नियंत्रण के लिए भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के डैम-डूबी प्रभावित गांवों की जलसहिया का नाम सूची से हटाए जाने और पिछले दो वर्षों से मानदेय भुगतान लंबित रहने का मामला भी प्रमुखता से उठा। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र जांच कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित कर्मियों को राहत मिल सके।
राजनगर प्रखंड के केंद्र मुंडी क्षेत्र में प्रस्तावित पत्थर खनन पट्टा आवंटन पर ग्रामीणों द्वारा जताई गई आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने मामले की समुचित जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत बेड़ासी सिरूम में स्वीकृत समेकित जनजातीय धुमकुड़िया भवन निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा नीमडीह अंचल में एकलव्य विद्यालय निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजा भुगतान पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित पदाधिकारी अविलंब निरीक्षण कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय और राहत मिल सके।
जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



