एनसीबी को मिली बड़ी सफलता, 200 किलो गांजा तस्करी मामले में दो दोषियों को 15-15 वर्ष का कठोर कारावास

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एनसीबी को मिली बड़ी सफलता, 200 किलो गांजा तस्करी मामले में दो दोषियों को 15-15 वर्ष का कठोर कारावास

रांची, 25 जनवरी : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), रांची जोनल यूनिट को मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। एनसीबी द्वारा दर्ज एक महत्वपूर्ण मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस), एजेसी–VII, रांची ने दो अभियुक्तों कामिल एवं आकाश कुमार को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनसीबी रांची को 4 सितंबर 2019 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नामकुम थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक अशोक लेलैंड ट्रक (पंजीयन संख्या UP-86T-7561) को रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक से 200 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इस संबंध में एनसीबी अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोषसिद्ध अभियुक्तों में कामिल, पिता रियाजुल हसन, निवासी हाथरस (उत्तर प्रदेश) तथा आकाश कुमार, पिता दिगंबर सिंह, निवासी एटा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

 

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बरामद गांजा कटक (ओडिशा) से लाया गया था, जिसे अवैध रूप से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई से ओडिशा से उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय गांजा तस्करी नेटवर्क को करारा झटका लगा है।

एनसीबी रांची की टीम द्वारा की गई सघन एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर अभियोजन सफल रहा। न्यायालय ने दोनों दोषियों को धारा 20(b)(ii)(C) के अंतर्गत 15 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोनों अभियुक्त जब्त वाहन के चालक एवं सहायक सह तस्कर थे।

एनसीबी अधिकारियों ने कहा कि यह सजा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है। ब्यूरो नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

एनसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से संबंधित किसी भी सूचना को मानस – राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1933) पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

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