निर्माणाधीन चांडिल – कांड्रा सड़क पर उड़ती धुल और बदहाली से ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

चांडिल, 26 दिसंबर : चांडिल–कांड्रा मुख्य सड़क पर उड़ती धूल और बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। लगातार आंदोलनों के बाद सरकार द्वारा सड़क मरम्मति कार्य तो प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन निर्माण के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों की अनदेखी किए जाने से स्थानीय लोगों एवं राहगीरों में भारी असंतोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क मरम्मति कार्य कछुआ गति से चल रहा है। धूल नियंत्रण के लिए न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सड़क पर बने गड्ढों को समुचित रूप से भरा गया है। इसके कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर उड़ती धूल से लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
विदित हो कि एआईकेकेएमएस के नेतृत्व में पूर्व में किए गए लगातार आंदोलनों के बाद सड़क मरम्मति कार्य शुरू हुआ था। इस कार्य का विधिवत शिलान्यास विधायक सविता महतो द्वारा किया गया था। शिकायतें मिलने पर विधायक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया था, बावजूद इसके कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, रात के समय अधूरी और उबड़-खाबड़ सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्याओं पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे आमजन की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। साथ ही ग्रामीणों ने एक नई समस्या की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। लोगों का कहना है कि स्कूलों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, ताकि तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस संबंध में एआईकेकेएमएस के जिला सचिव आशुदेव महतो ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीणों को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है और गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।



