उपायुक्त ने समीक्षा करते हुए पीड़ितों को राहत राशि भुगतान करने का दिया निर्देश

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खूंटी, 13 अक्टूबर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त आर. रॉनिटा की अध्यक्षता में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के तहत अत्याचार से राहत राशि के भुगतान से संबंधित संज्ञान में आए दो मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना एवं किसी भी प्रकार के अत्याचार की स्थिति में शीघ्र न्याय और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है।

उपायुक्त ने दोनों मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए राहत राशि के भुगतान के लिए निर्देश दिए। पहले मामले में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जाने पर उपायुक्त ने अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप 75 प्रतिशत राहत राशि यानी 75,000 रुपये का भुगतान संबंधित आवेदक को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, दूसरे मामले में केवल प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति में 25 प्रतिशत राहत राशि यानी 25,000 रुपये का भुगतान आवेदक को किए जाने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के तहत अत्याचार की स्थिति में पीड़ित को कुल एक लाख की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है, जिसमें विभिन्न चरणों में प्राथमिकी, चार्जशीट एवं न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाता है, ताकि उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर राहत मिल सके। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो, परियोजना निदेशक आईटीडीए आलोक शिकारी कच्छप, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम सहित समिति के सदस्य के रूप में अन्य कई अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

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