सावन की आहट के साथ शिवालयों में गूंजेगा हर-हर महादेव – चांडिल के प्राचीन जयदा बूढ़ा बाबा शिव मंदिर में तैयारियां तेज
चांडिल, 18 जुलाई : बांग्ला पंचांग के अनुसार पवित्र सावन माह का शुभारंभ होते ही सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित प्राचीन बूढ़ा बाबा शिव मंदिर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है। सावन के पूरे महीने यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी दुकानों को सजाया जा रहा है। वहीं, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से सेवा शिविर लगाने की भी तैयारी चल रही है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा बूढ़ा बाबा शिव मंदिर स्वर्णरेखा नदी के तट और घने जंगलों के बीच स्थित है। सावन की रिमझिम बारिश में मंदिर परिसर का मनोरम दृश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति का अद्भुत अनुभव भी कराता है। यही कारण है कि सावन के दौरान यहां आस्था और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
मंदिर के महंत केशवानंद सरस्वती ने बताया कि पूरे सावन माह प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती एवं हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ पूजा-अर्चना में शामिल होने की अपील की है। सावन की शुरुआत के साथ एक बार फिर चांडिल का प्राचीन बूढ़ा बाबा शिव मंदिर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजने को तैयार है।