IIT गांधीनगर के साथ एमओयू, नैनो टेक्नोलॉजी से 40 सेकंड में किडनी जांच पर उपकरण तैयार

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IIT गांधीनगर के साथ एमओयू, नैनो टेक्नोलॉजी से 40 सेकंड में किडनी जांच पर उपकरण तैयार

लिवर सुरक्षा, ओरल कैंसर, ऊर्जा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी तेजी से चल रहा अनुसंधान

आदित्यपुर, 18 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया से स्वास्थ्य एवं तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। डिफेंस और हेल्थ सेक्टर में पिछले 34 वर्षों से कार्यरत डॉ. नीरज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में नैनो टेक्नोलॉजी आधारित कई महत्वपूर्ण शोध किए जा रहे हैं।

डॉ. मिश्रा की टीम पूर्व में आईआईटी मुंबई के साथ कार्य कर चुकी है तथा अब आईआईटी गांधीनगर, गुजरात के साथ नया समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इस सहयोग के तहत नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से मात्र 40 सेकंड के भीतर किडनी संबंधी बीमारियों की पहचान करने की तकनीक पर शोध किया जा रहा है।

इसके अलावा लिवर को सुरक्षित रखने एवं उससे संबंधित बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी अनुसंधान जारी है। कैंसर, विशेषकर ओरल कैंसर के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण शोध कार्य चल रहा है। शोधकर्ताओं का मानना है कि आने वाले समय में ओरल कैंसर के निदान एवं उपचार में नई तकनीक विकसित होने से मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।

डॉ. नीरज कुमार मिश्रा को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा दो बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें भारत सरकार द्वारा तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार, झारखंड रत्न, झारखंड उद्योग रत्न, राष्ट्रीय उद्योग नवाचार पुरस्कार-2022 समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें झारखंड सरकार द्वारा 12 बार उत्कृष्ट उद्यमी पुरस्कार तथा मुख्यमंत्री ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है। वह भारत सरकार के नैनो टेक्नोलॉजी मिशन के विशेषज्ञ सदस्य भी हैं।

स्वास्थ्य के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में भी नई तकनीकों पर कार्य किया जा रहा है। नैनो टेक्नोलॉजी आधारित इन अनुसंधानों से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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