सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा पेयजलापूर्ति का हजारों लीटर पानी

संवाददाता खूंटी, 31 जुलाई : जल है तो कल है इस स्लोगन को सरकार स्कूली किताबों के अलावा दीवारों और बड़े-बड़े होडिंग पर लगाकर पेयजल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करती रही है। जल संरक्षण के प्रति आम नागरिक जागरुक हो रहे हैं या नहीं यह अलग बात है, लेकिन कभी-कभी लगता है सरकार के बाबू ही इस दिशा में उदासीन है। ऐसा ही नजर खूंटी जिला मुख्यालय के नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत खूंटी टोली में देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय खूंटी गंभीर पेयजल संकट से जूझता एक नगर है। गर्मी के मौसम में जिला मुख्यालय के अधिकांश क्षेत्रों में टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। वर्तमान समय में खूंटी नगर पंचायत क्षेत्र के तोरपा रोड स्थित खूंटी टोली में पेयजल को लेकर घोर लापरवाही देखी जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा मौखिक सूचना देने के बावजूद भी महीने भर से अधिक समय से यहां जलनल योजना का पानी सड़कों पर बह रहा है।
किसी को पीने का साफ पानी नहीं मिल पाता है और यहां सड़कों पर हजारों लीटर पानी बह रहा है। जिसे नगर पंचायत की लापरवाही कही जा सकती है।

यहां घर-घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है। शायद पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके कारण पाइपलाइन का पानी सड़क पर बह रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पंचायत से शिकायत के बाद भी इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि पानी की बर्बादी एक गंभीर समस्या है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहे जल को तत्काल बचना चाहिए ताकि भविष्य में जल संकट और अन्य समस्याओं से बचा जा सके। यह केवल पानी की बर्बादी नहीं है, बल्कि जल संकट और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।



