जाति प्रमाण पत्र की समस्या को लेकर अनुसूचित जाति समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
जमशेदपुर, 28 मई : अनुसूचित जाति समन्वय समिति, जमशेदपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं होने की समस्या को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संबंधित लोगों का झारखंड राज्य का नागरिक प्रमाण पत्र तो बन रहा है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण वे शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार एवं राज्य तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
समिति के सदस्यों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले विभागीय अधिकारी कार्मिक विभाग के पत्रांक संख्या-1754, दिनांक 25 फरवरी 2019 का हवाला देते हुए आवेदन अस्वीकृत कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवेदकों के पास 10 अगस्त 1950 से पूर्व झारखंड राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास का प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता। समिति ने इसे झारखंड के नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से इस समस्या के कारण अनुसूचित जाति समुदाय के कई छात्र-छात्राएं और युवा परेशान हैं। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में उन्हें शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला। इस दौरान झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को रखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए कार्मिक विभाग से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद समिति के सदस्यों ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री से भी मुलाकात की। मंत्री ने भी समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में अजय रजक, अभिषेक, शेखर रजक, परेश मुखी, बिमल रजक, पहलक चौधरी, गणेश राम, मनीष कुमार, गौरी देवी, पूर्णिमा देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।