चांडिल में स्वर्णरेखा कैनाल धंसा : ठेकेदार की लापरवाही से सैकड़ों एकड़ धान डूबा, प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश

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चांडिल में स्वर्णरेखा कैनाल धंसा : ठेकेदार की लापरवाही से सैकड़ों एकड़ धान डूबा, प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश

 

चांडिल, 19 सितंबर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड के चाकुलिया गांव में गुरुवार को स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना के तहत निर्मित मुख्य कैनाल अचानक धंस गया। इस हादसे ने जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं किसानों की सालभर की मेहनत पलभर में पानी में समा गई।

कैनाल धंसने से लाखों क्यूब मीटर पानी बह निकला, जिससे आसपास की जमीन जलमग्न हो गई। सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि कई घरों में भी पानी घुस गया। सौभाग्य से उस समय कैनाल के पास कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।

ग्रामीणों ने घटना के लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मुखिया नरसिंह सरदार ने आरोप लगाया कि कैनाल के नीचे कल्वर्ट निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया गया। मिट्टी डालकर अधूरा कार्य छोड़ दिया गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।

स्थानीय निवासी जगदीश महतो ने प्रशासन से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नुकसान की भरपाई नहीं की गई, तो स्वर्णरेखा परियोजना के खिलाफ आंदोलन होगा।

घटना के बाद परियोजना पदाधिकारियों के निर्देश पर कैनाल का पानी तत्काल बंद कर दिया गया और दूसरे फाटक से बाईपास किया जा रहा है। फिलहाल नुकसान का आकलन जारी है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना को 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक स्वर्णरेखा परियोजना के अधिकारियों या जिला प्रशासन की ओर से कोई जांच शुरू नहीं की गई है। हैरानी की बात यह भी है कि तथाकथित बड़े अखबारों और टीवी चैनलों में इस गंभीर मामले को जगह तक नहीं मिली है।

किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन तेज होगा।

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