
सुबह करीब छह बजे पकड़े जाने और आठ बजे चालान निर्गत होने की चर्चा, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
नीमडीह, 25 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध बालू के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नीमडीह के अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने आदारडीह स्थित एसएम स्टील कंपनी परिसर से बालू लदे छह हाईवा जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि तिरुलडीह क्षेत्र से बालू लोड कर इन वाहनों के जरिए कंपनी परिसर में आपूर्ति की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर सीओ ने कार्रवाई करते हुए सभी छह वाहनों को परिसर में ही पकड़ लिया।
जब्त किए गए वाहनों में BR 08 G 5632, JH 01 AX 4189, JH 02 AE 2434, JH 16 A 9226, CG 12 S 6101 तथा JH 02 AK 2631 शामिल हैं। अंचलाधिकारी के अनुसार, वाहनों के जरिए कथित तौर पर अवैध रूप से बालू की ढुलाई की जा रही थी। साथ ही ओवरलोडिंग की भी बात सामने आई है।
अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए छह हाईवा को एसएम स्टील परिसर से जब्त किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नीमडीह क्षेत्र में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जब्ती के बाद चालान निर्गत होने की चर्चा
इस कार्रवाई के बीच जब्त किए गए वाहनों के चालान को लेकर भी चर्चा तेज है। स्थानीय स्तर पर ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि जब वाहनों को सुबह करीब छह बजे कंपनी परिसर में पकड़ा गया, उस समय उनके पास वैध चालान नहीं था। वहीं, कार्रवाई के बाद सुबह करीब आठ बजे चालान निर्गत किए जाने की चर्चा है।
हालांकि, चालान की वास्तविक स्थिति, उसके निर्गत होने का समय और बालू के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की वैधता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन बिंदुओं पर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जब्ती के समय चालान उपलब्ध नहीं था और बाद में चालान निर्गत किया गया, तो यह जांच का महत्वपूर्ण विषय हो सकता है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि संबंधित वाहनों के पास बालू के परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज थे या नहीं और दस्तावेजों का सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है।
फिलहाल अंचलाधिकारी की कार्रवाई के बाद बालू के अवैध खनन, परिवहन और चालान की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी, जिससे जब्त किए गए वाहनों और बालू की ढुलाई से जुड़े पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।