चांडिल, 23 अप्रैल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल–पुरुलिया बाईपास मार्ग पर बीते तीन दिनों से लगे भीषण जाम के बाद गुरुवार को राहत भरी तस्वीर सामने आई। लगातार जाम और दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं से परेशान स्थानीय लोगों ने आखिरकार खुद मोर्चा संभाला और सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाया।
चांडिल के घोड़ानेगी से लेकर नीमडीह के जामडीह तक जाम की लंबी कतारों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया और वे सड़क पर उतर आए। करीब दो दर्जन लोगों ने चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच पूरे दिन डटे रहकर वाहनों को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया। उनके इस प्रयास का असर शाम तक दिखा और जाम पूरी तरह समाप्त हो गया, जिससे आवागमन सामान्य हो सका।
जाम की बड़ी वजह बनी रेलवे फाटक व्यवस्था
दरअसल, नीमडीह थाना क्षेत्र स्थित पितकी रेलवे फाटक इस समस्या की मुख्य वजह बनकर उभरा है। फाटक के पास ही चांडिल रेलवे स्टेशन होने के कारण यहां से गुजरने वाली तीन रेलवे लाइनों पर लगातार यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन होता है। ऐसे में बार-बार फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब फाटक खुलते ही छोटे वाहन पहले निकलने लगते हैं, जिससे भारी वाहनों को पार होने का मौका नहीं मिल पाता। नतीजतन, कुछ ही देर में फिर फाटक बंद हो जाता है और जाम की समस्या जस की तस बनी रहती है।
वाहनों का बढ़ता दबाव भी बना कारण
इन दिनों शादी-विवाह का सीजन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते इस मार्ग पर यात्री वाहनों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है, जिससे जाम की समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से रेलवे फाटक पर बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।