पितकी रेलवे ओवरब्रिज : बारिश बनी बाधा, निर्माण कार्य अंतिम चरण में – जल्द मिलेगा जाम से स्थायी समाधान

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पितकी रेलवे ओवरब्रिज : बारिश बनी बाधा, निर्माण कार्य अंतिम चरण में – जल्द मिलेगा जाम से स्थायी समाधान

चांडिल, 01 अगस्त : चांडिल-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर वर्षों से लोगों की परेशानी का कारण बना पितकी रेलवे फाटक अब इतिहास बनने की ओर है। पितकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हालांकि, लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं हो सका। राहत की बात यह है कि पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने के कारण कार्य में फिर से तेजी आ गई है।

मानभूम अपडेट्स ने पिछले दिनों खबर प्रसारित की थी कि 31 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कर ओवरब्रिज को आमजनों के लिए खोलने की तैयारी है। उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रकाशित वह खबर पूरी तरह तथ्यात्मक थी। लेकिन प्रकृति के आगे किसी भी निर्माण एजेंसी की समयसीमा कई बार प्रभावित हो जाती है। खुले आसमान के नीचे होने वाले निर्माण कार्यों में लगातार बारिश सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है और पितकी ओवरब्रिज भी इससे अछूता नहीं रहा।

मैस्टिक बिछाने के कार्य पर बारिश का असर

ओवरब्रिज का मुख्य ढांचा, पिलर और एक लेन का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है। वर्तमान में ओवरब्रिज पर मैस्टिक (Waterproofing Layer) बिछाने का कार्य चल रहा है। यह परत पुल की सतह को पानी से सुरक्षित रखने के लिए बिछाई जाती है, जिसके ऊपर बाद में बिटुमिनस (अलकतरा) लेयर डालकर सड़क तैयार की जाती है।

लगातार हुई बारिश के कारण पहले से बिछाई गई मैस्टिक परत प्रभावित हो गई। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करते हुए निर्माण एजेंसी ने पूरी परत को हटाकर दोबारा बिछाने का निर्णय लिया। इसके बाद बिटुमिन, अलकतरा से सड़क का कालीकरण तथा अंतिम सुरक्षा संबंधी कार्य पूरे किए जाएंगे।

गुणवत्ता से समझौता नहीं, इसलिए बढ़ा समय

निर्माण कार्य में हुई देरी को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे ओवरब्रिज जैसे बड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होती है। ऐसे किसी भी कार्य को केवल समयसीमा पूरी करने के लिए जल्दबाजी में पूरा करना भविष्य में गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

करीब 200 फीट ऊंचे और लगभग दो किलोमीटर लंबे इस ओवरब्रिज से भविष्य में भारी मालवाहक वाहनों सहित प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरेंगे, जबकि इसके नीचे लगातार रेल परिचालन होता रहेगा। ऐसे में प्रत्येक तकनीकी प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना आवश्यक है।

जल्द मिलेगी जाम से स्थायी राहत

यदि मौसम अनुकूल रहा तो शेष निर्माण कार्य भी शीघ्र पूरा होने की संभावना है। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद पितकी रेलवे फाटक पर वर्षों से लगने वाले जाम से सरायकेला-खरसावां, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, चास, चंदनकियारी तथा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया समेत आसपास के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

मानभूम अपडेट्स का प्रयास हमेशा तथ्यों के आधार पर सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता करना रहा है। किसी भी विषय पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसके वास्तविक कारणों की पड़ताल कर पाठकों तक प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना ही हमारी प्राथमिकता है।

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