पुलिसकर्मियों पर आरोप साबित हों तो नौकरी रद्द करने की मांग क्यों नहीं? तरुण महतो
चांडिल, 26 अगस्त : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो ने पुलिस एसोसिएशन पर तीखा हमला बोला है। चांडिल के न्यू बायपास एनएच-33 स्थित बाबलू होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई और विधायकी रद्द करने की मांग की जा सकती है, तो गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और नौकरी समाप्त करने की मांग क्यों नहीं उठाई जाती।
तरुण महतो ने कहा कि कानून का पैमाना सभी के लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एसोसिएशन अपने सदस्यों के हितों को लेकर मुखर रहता है, लेकिन जब किसी पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगते हैं तो संगठन की ओर से स्पष्ट रुख सामने नहीं आता।
पांच मामलों पर मांगा जवाब
तरुण महतो ने पुलिस एसोसिएशन के समक्ष पांच मामलों को रखते हुए जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के कथित फेक एनकाउंटर के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने अपने साथ हुए कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले में भी दोषी पुलिसकर्मियों की नौकरी रद्द करने की मांग पर एसोसिएशन का रुख स्पष्ट करने को कहा।
उन्होंने जमशेदपुर में बीमार जीत महतो की थाने में हुई कथित मौत, होटवार जेल में कैदी की मौत तथा रांची में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
तरुण महतो ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई आरोप साबित होने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी पर लगे आरोप न्यायिक या सक्षम जांच में सही साबित होते हैं, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुरूप सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस एसोसिएशन से इन मामलों पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही कहा कि कानून और जवाबदेही के मामले में जनप्रतिनिधि और पुलिसकर्मी समेत सभी के लिए समान मापदंड होना जरूरी है।



