सावन में जयदा बूढ़ा बाबा के मंदिर परिसर में पहली बार गूंजे गंगा आरती के मंत्र, उमड़ा आस्था का सैलाब
चांडिल, 03 अगस्त : सावन माह के पावन अवसर पर रविवार की शाम चांडिल स्थित प्राचीन जयदा बूढ़ा बाबा शिव मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठा। श्री श्याम सेवा समिति, चांडिल के तत्वावधान में स्वर्णरेखा नदी के तट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गंगा आरती का मुख्य आकर्षण बनारस से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराई गई भव्य आरती रही। मंत्रों की गूंज, शंखनाद और दीपों की अलौकिक छटा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजकों के अनुसार, चांडिल अनुमंडल ही नहीं बल्कि पूरे सरायकेला-खरसावां जिले में पहली बार इस तरह का भव्य गंगा आरती अनुष्ठान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जयदा बूढ़ा बाबा शिव मंदिर से लेकर स्वर्णरेखा नदी के तट तक “जय मां गंगा”, “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
धार्मिक आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की भव्यता और दिव्यता ने लोगों का मन मोह लिया। आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए, जिसकी लोगों ने जमकर सराहना की।