आधी रात हाथी ने ढाया कहर, घर तोड़ा…..दूसरे दरवाजे से भागकर बची घासीराम मांझी की जान
चांडिल, 04 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत रुचाप पंचायत के सालडीह बस्ती में सोमवार देर रात जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। रात करीब 12 बजे हाथी ने गांव के घासीराम मांझी के घर पर हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण घासीराम मांझी बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय घासीराम मांझी अपने घर में सो रहे थे। अचानक घर तोड़े जाने की तेज आवाज से उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि जंगली हाथी घर को नुकसान पहुंचा रहा है। खतरे को भांपते हुए उन्होंने मुख्य दरवाजे की बजाय घर के दूसरे रास्ते से बाहर निकलकर पास में स्थित अपने भाई के घर में शरण ली, जिससे उनकी जान बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने मुख्य दरवाजा तोड़कर घर के भीतर घुसने का प्रयास किया। हालांकि, अंदर खाने-पीने का कोई सामान नहीं मिलने पर वह कुछ देर बाद वहां से निकलकर दूसरे घर की ओर बढ़ गया।
घटना के बाद पूरे सालडीह गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण पूरी रात जागकर हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और हर समय जान-माल का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, हाथियों की निगरानी करने तथा मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।