बालू खनन संबंधी समाचारों पर MANBHUM UPDATES को मिला कानूनी नोटिस, 20 लाख रुपये की मांग – पोर्टल ने रखा अपना पक्ष
सरायकेला-खरसावां, 28 मई : सरायकेला-खरसावां जिले की स्वर्णरेखा नदी में कथित रूप से पोकलेन मशीनों के माध्यम से बालू खनन किए जाने तथा इस संबंध में स्थानीय लोगों, सामाजिक प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों पर आधारित समाचारों के प्रकाशन के बाद MANBHUM UPDATES को अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस प्राप्त हुआ है।
प्राप्त नोटिस के अनुसार, कोल्हान के उप निदेशक, खान सह जिला खनन पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां ज्योति शंकर सतपथी की ओर से जमशेदपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता द्वारा MANBHUM UPDATES को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में प्रकाशित समाचारों एवं वीडियो सामग्री को मानहानिकारक बताते हुए 20 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त संबंधित समाचारों एवं वीडियो सामग्री को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने तथा सार्वजनिक रूप से क्षमायाचना प्रकाशित करने की मांग भी की गई है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रकाशित समाचारों में जिला खनन पदाधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगाए गए तथा पर्याप्त सत्यापन के बिना सामग्री प्रकाशित की गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि समाचार प्रसारण से पूर्व संबंधित अधिकारी का पक्ष नहीं लिया गया।
इधर, MANBHUM UPDATES ने अपनी प्राथमिक प्रतिक्रिया में स्पष्ट किया है कि जिन दो समाचारों को आधार बनाकर नोटिस भेजा गया है, उनमें से एक समाचार स्वर्णरेखा नदी के मानीकुई पुल के नीचे कथित रूप से पोकलेन मशीनों से किए जा रहे बालू खनन से संबंधित ग्राउंड रिपोर्ट पर आधारित था। उक्त समाचार स्थल पर उपलब्ध प्राथमिक वीडियो फुटेज, स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों, प्रत्यक्ष दृश्य एवं मौके पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया था।
पोर्टल ने स्पष्ट किया है कि समाचार में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया था और न ही किसी आरोप की न्यायिक पुष्टि का दावा किया गया था। समाचार में स्थानीय लोगों, सामाजिक प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक रूप से उठाए गए सवालों और आरोपों को जनहित के दृष्टिकोण से प्रकाशित किया गया था।
दूसरा समाचार जिले के एक जनप्रतिनिधि द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयान पर आधारित था। MANBHUM UPDATES ने स्पष्ट किया है कि समाचार में प्रयुक्त आरोपात्मक शब्द संबंधित वक्ताओं के कथनों के संदर्भ में थे। पोर्टल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अथवा समर्थन का दावा नहीं करता।
पोर्टल के अनुसार, समाचार प्रकाशन से पूर्व संबंधित विभागीय अधिकारी से उनका पक्ष प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। उपलब्ध माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश की गई, किंतु विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। MANBHUM UPDATES का कहना है कि एक अवसर पर डिजिटल माध्यम/व्हाट्सएप कॉल के जरिए संक्षिप्त संपर्क स्थापित हुआ था, जिसमें संबंधित अधिकारी द्वारा तत्काल पक्ष देने में असमर्थता व्यक्त की गई थी।
MANBHUM UPDATES ने यह भी कहा है कि पत्रकारिता का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को तथ्यों सहित सार्वजनिक करना है। समाचारों का प्रकाशन उपलब्ध वीडियो सामग्री, स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं, प्रत्यक्ष दृश्य तथा जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक बयानों के आधार पर किया गया था। पोर्टल का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है।
पोर्टल ने कहा है कि यदि सक्षम न्यायालय अथवा कोई अधिकृत जांच एजेंसी इस मामले में जांच करती है, तो उपलब्ध वीडियो फुटेज, दस्तावेज, संवाद रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्य नियमानुसार प्रस्तुत किए जाएंगे।
साथ ही MANBHUM UPDATES ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संबंधित अधिकारी का पक्ष अब भी प्राप्त करने और उसे समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित एवं प्रसारित करने के लिए तैयार है। पोर्टल ने कहा है कि निष्पक्ष एवं उत्तरदायी पत्रकारिता के सिद्धांतों के तहत सभी पक्षों को उचित अवसर दिया जाना आवश्यक है और भविष्य में यदि संबंधित विभाग अथवा अधिकारी अपना आधिकारिक पक्ष उपलब्ध कराते हैं, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
पोर्टल ने यह भी कहा है कि मानीकुई पुल के नीचे स्वर्णरेखा नदी में खनन कार्य से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्वीकृति एवं अन्य अनुमति संबंधी दस्तावेज यदि उपलब्ध कराए जाते हैं, तो पूरे मामले के तथ्यों की स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक रूप से सामने आ सकेगी।
MANBHUM UPDATES ने कहा है कि वह पत्रकारिता के संवैधानिक एवं कानूनी दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा प्राप्त कानूनी नोटिस का जवाब विधिसम्मत तरीके से दिया जाएगा।