उपायुक्त ने केंद्रीय कारा घाघीडीह, साकची कारा एवं संप्रेक्षण गृह का किया निरीक्षण, पुनर्वास और कौशल विकास पर दिया जोर
जमशेदपुर, 17 जून : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को केंद्रीय कारा घाघीडीह, साकची कारा तथा संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पुनर्वास कार्यक्रमों एवं कौशल विकास गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों एवं बाल संरक्षण संस्थान में रह रहे बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सुधार गृहों एवं कारागारों का उद्देश्य केवल निगरानी और सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास, शिक्षा, मानसिक परामर्श और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बंदियों और बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण तथा शैक्षणिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कारा प्रशासन को सतर्कता एवं अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के संबंध में भी आवश्यक सुझाव दिए गए।
उन्होंने पुनर्वास योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सुधारात्मक एवं पुनर्वास संबंधी कार्यक्रमों को गंभीरता से लागू करना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
इस अवसर पर जिले के कई वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, कारा प्रशासन के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन कर उपायुक्त ने उन्हें और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने के निर्देश दिए।