बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में शिबू सोरेन की प्रतिमा के प्रस्ताव पर विवाद, पुनर्विचार की मांग तेज
चांडिल/सरायकेला, 11 सितंबर : सरायकेला खरसावां जिले के सरायकेला स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रस्ताव के विरोध में स्थानीय लोगों एवं आदिवासी समाज की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
आदिवासी भूमिज – मुंडा समाज सहित अन्य लोगों का कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम केवल खेल गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी अस्मिता से जुड़ी पहचान रखता है। ऐसे में उनके नाम से स्थापित परिसर में किसी अन्य महापुरुष की प्रतिमा लगाने का निर्णय लेने से पहले स्थानीय जनभावना और आदिवासी संगठनों की राय लेना जरूरी है।
ज्ञापन में सरायकेला में पूर्व में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर उद्यान के शिलान्यास के बाद उसका नाम बदलकर सिद्धू-कान्हू पार्क किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। आवेदकों का दावा है कि इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से नाराजगी रही है। उनका कहना है कि अब बिरसा मुंडा के नाम से जुड़े स्टेडियम में दूसरी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव जनभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
विभिन्न संगठनों के अगुवा नेताओं ने मांग की है कि स्टेडियम का नाम और ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जाए तथा परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा या स्मारक स्थापित किया जाए। वहीं, यदि शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय है तो उनके सम्मान के अनुरूप सरायकेला में किसी अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थल का चयन किया जाए।
इसके अलावा बिरसा मुंडा के नाम से जुड़े किसी भी स्थल का नाम बदलने से पहले स्थानीय जनता एवं आदिवासी संगठनों से विचार-विमर्श करने की मांग की गई है। आवेदकों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर ऐसा निर्णय लेने का आग्रह किया है, जिससे सभी महापुरुषों का सम्मान बना रहे और किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों।



