कुशल नेतृत्व और तकनीकी पड़ताल का नतीजा: हारुडीह हत्याकांड में चांडिल पुलिस की बड़ी सफलता

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कुशल नेतृत्व और तकनीकी पड़ताल का नतीजा: हारुडीह हत्याकांड में चांडिल पुलिस की बड़ी सफलता

चांडिल, 13 फरवरी : चांडिल के बहुचर्चित हारुडीह हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर पुलिस ने न केवल एक जटिल आपराधिक गुत्थी सुलझाई है, बल्कि यह भी साबित किया है कि संगठित और वैज्ञानिक जांच पद्धति के सामने अपराध अधिक दिनों तक टिक नहीं सकता। 24 दिसंबर 2025 को चांडिल थाना क्षेत्र के हारुडीह गांव में विजय तिर्की की गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
घटना उस समय हुई थी जब विजय तिर्की गांव में आयोजित मुर्गा पाड़ा से लौट रहे थे। पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआती दौर में मामला गैंगवार और आपसी रंजिश के धुंध में उलझा हुआ प्रतीत हो रहा था, जिससे जांच की दिशा चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

रणनीतिक नेतृत्व और समन्वित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूणायत के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र का समन्वित उपयोग किया। परिणामस्वरूप महज कुछ ही समय में चार आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
गिरफ्तार अभियुक्तों में शाहिद खान उर्फ शहजादा (ताजनगर, कपाली), विवेक कुमार मन्ना उर्फ विक्की (मानगो), राहुल राव (मानगो) तथा मनीष कुमार ठाकुर (तामोलिया, चांडिल) शामिल हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं कांड में संलिप्त बंटी सरदार पूर्व के एक मामले में न्यायिक अभिरक्षा में है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

उलझनों के बीच सटीक जांच

इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना इसलिए भी आसान नहीं था क्योंकि मृतक का आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ा होना और बाजार में फैली गैंगवार की चर्चाएं जांच को भ्रमित कर सकती थीं। इतना ही नहीं, मृतक की पत्नी द्वारा पुराने साथियों पर लगाए गए आरोपों ने मामले को और पेचीदा बना दिया था।
इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद पुलिस टीम ने तथ्यों और साक्ष्यों को प्राथमिकता दी। नतीजतन अफवाहों और कयासों से इतर ठोस प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई की गई। यह जांच इस बात का उदाहरण बनकर सामने आई है कि निष्पक्षता और पेशेवर दृष्टिकोण से ही न्याय की राह प्रशस्त होती है।

कानून-व्यवस्था में भरोसे की मजबूती

चांडिल थाना प्रभारी दिलशन बिरुवा के नेतृत्व में गठित छापामारी दल में नीमडीह के संतन तिवारी, चौका के सोनू कुमार एवं कपाली ओपी के प्रभारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम की एकजुटता और त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत किया है।
हारुडीह हत्याकांड का खुलासा केवल एक आपराधिक मामले का समाधान नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि पुलिस तंत्र सजग है, सक्षम है और अपराध के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। मामले की आगे की जांच जारी है, किंतु अब यह स्पष्ट हो चुका है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी अंततः गिरफ्त में आते ही हैं।

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