क्लस्टरिंग सिस्टम के विरोध में आजसू का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला दहन
रांची, 20 मई : अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने बुधवार को विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित “Restructuring एवं Clustering System” के विरोध में रांची विश्वविद्यालय गेट से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकालकर मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का पुतला दहन किया। संगठन ने इसे छात्र, शिक्षा और झारखंड की भाषाई-सांस्कृतिक पहचान के खिलाफ बताया।
आजसू छात्र संघ के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी संकल्प के तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन तथा क्लस्टरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कॉलेजों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय अलग-अलग किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था से गरीब विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जबकि प्रदेश सचिव सक्षम झा ने इसे छात्राओं की शिक्षा के लिए नुकसानदायक बताया। महानगर अध्यक्ष अमन साहू ने कहा कि इससे महाविद्यालयों की ऐतिहासिक पहचान और बहुविषयी शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी।
आजसू नेताओं ने जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभागों पर भी खतरा जताते हुए कहा कि संताली, हो, कुड़ुख, मुंडारी, नागपुरी, पंचपरगनिया, खोरठा और कुड़माली जैसी भाषाओं का अध्ययन प्रभावित होगा।
संगठन ने सरकार से क्लस्टरिंग सिस्टम संबंधी संकल्प तत्काल वापस लेने, सभी संकायों को पूर्ववत रखने तथा शिक्षकों-कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति करने की मांग की।