नीमडीह,12 मई : सरायकेला – खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत झिमड़ी स्थित एकलव्य मॉडल स्कूल प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ रही है। विद्यालय को शुरू हुए कुछ ही वर्ष हुए हैं और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण काम करने वाले संवेदक सारे मानकों को दरकिनार कर अपने मन मुताबिक काम कर रहे हैं। जिसका नतीजा आने वाले समय में विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को झेलना पड़ेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि एकलव्य मॉडल स्कूल बिल्डिंग के निर्माण कार्य में संवेदक के घोर लापरवाही का नतीजा आज सबके सामने है। अगर निर्माण कार्य का समय – समय पर जांच होता ओर नियमित प्रशासनिक निरीक्षण होता तो स्कूल बिल्डिंग जर्जर अवस्था में नहीं होता। वर्तमान में स्कूल के सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे चारदीवारी निर्माण कार्य में घरे अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते प्रशासनिक निरीक्षण होने से निर्माण कार्य मे हो रही लापरवाही को रोक जा सकता है।
चारदीवारी निर्माण कार्य मे संवेदक द्वारा उपयुक्त मानक को दरकिनार कर निर्माण किया जा रहा है। चारदीवारी का निर्माण कार्य के दौरान कार्यस्थल पर ना संवेदक मौजूद रहता है ओर ना उसका मुंशी या सुपरवाइजर। ऐसे में राजमिस्त्रियों द्वारा किस गुणवत्ता से काम किया जा रहा होगा यह तो अभियंताओं की जांच से ही पता चल सकेगा। बगैर देखरेख के निर्माण कार्य का चलना जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ा सवाल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चारदीवारी निर्माण कार्य का आधा कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अबतक किसी बड़े अधिकारी का निरीक्षण नहीं हुआ है। कोई अभियंता भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने नहीं पहुंचे हैं।