जमशेदपुर, 16 सितम्बर : पूर्वी सिंहभूम जिले में आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ साकची हाई स्कूल, जमशेदपुर से किया गया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने विधिवत रूप से इस अभियान की शुरुआत की और स्कूली बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाकर अभियान का संदेश दिया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी और विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। अभियान के तहत जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में दवा का वितरण किया गया, वहीं 19 सितम्बर को ‘मॉप-अप राउंड’ चलाया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा छूट न पाए।
कृमि संक्रमण से बचाव पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा जरूर दी जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें, क्योंकि कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, खून की कमी, मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा डालता है तथा पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर करता है। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और एएनएम इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि कृमिनाशक दवा पूरी तरह सुरक्षित है और साल में दो बार सभी बच्चों को यह दवा दी जानी चाहिए। वहीं, डॉ. रंजीत पांडा ने बताया कि स्कूल या आंगनबाड़ी में दवा न ले पाने वाले बच्चों तक स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें घर-घर जाकर दवा पहुंचाएंगी।
अभियान का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के हर बच्चे को कृमि संक्रमण से मुक्त करना है। उपायुक्त ने कहा, “शिक्षा और पोषण तभी सार्थक होंगे जब बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आने वाले भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास है।”