सुदेश महतो की हत्या की साजिश की NIA से जांच हो : आजसू

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सुदेश महतो की हत्या की साजिश की NIA से जांच हो : आजसू

मुख्य सचिव और डीजीपी को सौंपा गया ज्ञापन, सुरक्षा पुनः समीक्षा की मांग

रांची, 19 अगस्त : आजसू पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख सुदेश महतो की हत्या की बार-बार रची जा रही साजिश की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है। मंगलवार को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी और डीजीपी अनुराग गुप्ता से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उग्रवादियों की हिटलिस्ट में बार-बार सुदेश महतो का नाम आना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में उनकी सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा आवश्यक है। मुख्य सचिव और डीजीपी ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।

क्यों निशाने पर हैं सुदेश महतो?

आजसू नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर किस वजह से लगातार सुदेश महतो को निशाना बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी शामिल थे।

डॉ. भगत ने कहा कि हाल ही में 5 अगस्त को गुमला जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पीएलएफआई उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा ने भी सुदेश महतो को अपनी हिटलिस्ट में रखा था और हमले की योजना बना रहा था। वर्ष 2023 में भी अनगड़ा थाना क्षेत्र में हुई बैठक में उनकी हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था।

हसन अंसारी ने आरोप लगाया कि पहले भी एक राजनेता द्वारा सुदेश महतो की हत्या के लिए उग्रवादियों को पाँच करोड़ रुपये की सुपारी देने की बात सामने आ चुकी है। ऐसे में इस साजिश के पीछे कौन है, इसका खुलासा होना बेहद जरूरी है।

पुराने हमलों की साजिश का भी जिक्र

आजसू नेताओं ने स्मरण कराया कि 2005 में सिल्ली से पोगड़ा जाने के रास्ते में केन बम लगाने की साजिश रची गई थी। 2013 में पीएलएफआई कमांडर जीदन गुड़िया ने एक राजनेता से पाँच करोड़ रुपये की सुपारी ली थी, जिसके बाद जनवरी 2014 में सिल्ली प्रतिभा महोत्सव और फरवरी 2014 में जोन्हा के विवाह समारोह में हमले का प्रयास किया गया।2014 में पीएलएफआई ने पार्टी के केंद्रीय महासचिव तिलेश्वर साहु की हत्या हजारीबाग के बरही में कर दी थी।

रामचंद्र सहिस की सुरक्षा बहाली की मांग

आजसू नेताओं ने डीजीपी से पूर्व मंत्री एवं पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस की सुरक्षा बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा बिना कारण वापस ले ली गई है, जिसे तुरंत बहाल किया जाए।

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