झिमड़ी में अवैध पत्थर खनन का खुलासा, ग्रामीणों ने माफियाओं को घेरा – नीमडीह पुलिस ने जप्त किया जेसीबी मशीन व पत्थर लदा ट्रक

नीमडीह, 05 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र के झिमड़ी स्थित सोना डूंगरी में सोमवार रात अवैध पत्थर खनन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। स्थानीय ग्रामीणों ने खनन कार्य में लगे ट्रक और जेसीबी मशीन को रोककर प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही नीमडीह पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सफेद ग्रेनाइट पत्थर का अवैध खनन हो रहा है, जिससे पर्यावरण और क्षेत्र की भू-गर्भीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है। सोमवार रात जब खनन कार्य चल रहा था, तब ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए मौके पर पहुंचकर माफियाओं को घेर लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
ग्रामीणों ने खनन माफियाओं पर प्रशासनिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि खनन कार्य करने वाले कुछ लोगों ने स्वयं यह स्वीकार किया कि वे “ऊपर” से आदेश मिलने पर काम कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को भुगतान करते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल जरूर उठ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नीमडीह पुलिस ने जब्त जेसीबी और ट्रक के संबंध में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए नीमडीह अंचलाधिकारी को जांच के लिए आवेदन सौंपा है। मामले की जानकारी जिला खनन पदाधिकारी को भी दे दी गई है। पुलिस ने जानकारी दी है कि थाना प्रभारी संतन तिवारी के नेतृत्व में सोमवार आधी रात को झिमड़ी रेलवे स्टेशन के समीप से एक जेसीबी मशीन तथा एक पत्थर लदे ट्रक को जप्त किया गया है। जप्त किए गए ट्रक में करीब 200 सीएफटी पत्थर लोड है। नीमडीह पुलिस ने बताया कि खनन कार्य करने वालों की पहचान जुताई जा रही है और जप्त किए गए ट्रक एवं जेसीबी मशीन को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि झिमड़ी डूंगरी में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिन अधिकारियों की संलिप्तता सामने आ रही है, उनकी निष्पक्ष जांच हो। क्षेत्र में नियमित निगरानी की व्यवस्था स्थापित की जाए।




