एक पत्र से खुली पोल : कपाली नगर परिषद की लापरवाही और भ्रष्टाचार फिर सवालों के घेरे में

चांडिल, 30 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार की परतें एक बार फिर उजागर हुई हैं। इस बार इसकी शुरुआत झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला उपाध्यक्ष शेख फरीद द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को लिखे गए एक साधारण पत्र से हुई, जिसने पूरे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शेख फरीद ने अपने पत्र में लिखा है कि करीब चार से पांच माह पूर्व कपाली नगर परिषद क्षेत्र में 700 से 800 के आसपास स्ट्रीट लाइट (हैलोजन) लगाए गए थे। यह कार्य सराहनीय था, परंतु वर्तमान स्थिति यह है कि इन लाइटों में से आधे से अधिक काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की अविलंब मरम्मत की जाए या उन्हें बदला जाए।
इस पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया है कि लाखों रुपये की लागत से लगाए गए लाइट महज कुछ महीनों में ही खराब हो गए हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन लाइटों की गुणवत्ता में समझौता किया गया था? क्या कोई सस्ती, लोकल कंपनी की लाइटें लगाई गई थीं? या फिर पूरी प्रक्रिया में घोर अनियमितता बरती गई?
यह पहला मौका नहीं है जब कपाली नगर परिषद की कार्यशैली पर उंगलियां उठी हों। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने भी नगर परिषद की पोल खोल दी थी, जब पूरा कपाली क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गया था। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोग नगर परिषद से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। शेख फरीद का पत्र भले ही छोटा हो, लेकिन इससे एक बड़ी लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत जरूर मिला है, जिसकी निष्पक्ष जांच और तत्काल सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
रिपोर्ट: ManbhumUpdates.com – क्या आपके आसपास भी है ऐसी खबरें तो संपर्क करें : +91 89877 01085



