जनता की सेवा के साथ खेती भी : तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया बने प्रेरणा स्रोत

खूंटी, 29 जुलाई : आमतौर पर राजनीति से जुड़े जनप्रतिनिधियों को व्यस्ततम दिनचर्या में देखा जाता है, लेकिन तोरपा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदीप गुड़िया ने एक अलग मिसाल पेश की है। वे जहां एक ओर क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर अपने निजी जीवन में खेती-किसानी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
हाल ही में विधायक सुदीप गुड़िया का एक दृश्य सामने आया, जिसमें वे खेतों में हल चलाते, रोपनी करते और किसानों की तरह श्रम करते नजर आए। यह दृश्य न केवल ग्रामीण जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी एक सकारात्मक संदेश दे गया। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि जनसेवा के साथ खेती उनकी पहचान और आत्मसम्मान का हिस्सा है।
विधायक गुड़िया ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और आज भी खेती से उनका गहरा लगाव है। “किसी भी जनप्रतिनिधि को जमीन से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए, क्योंकि खेती सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न अंग है,”
उन्होंने यह भी बताया कि जब भी विधानसभा सत्र या अन्य सरकारी कार्यों से थोड़ी फुर्सत मिलती है, वे अपने गांव लौटकर खेती करते हैं और स्थानीय किसानों के साथ समय बिताते हैं। इससे उन्हें न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि खेती से जुड़ी जमीनी समस्याओं को भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक गुड़िया का यह व्यवहार उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग बनाता है। एक ग्रामीण किसान ने कहा, “हमारे विधायक जी को खेत में हमारे बीच देखकर हमे लगता है कि वे वास्तव में हमारे दुख-दर्द को समझते हैं।”
विधायक का यह कर्मशील और जमीन से जुड़ा रूप युवा पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा है, जो आधुनिकता की दौड़ में पारंपरिक कार्यों से दूर होती जा रही है।
इस तरह, सुदीप गुड़िया ने यह साबित किया है कि एक जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल भाषण देना या कार्यालय में बैठना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ जुड़कर उनके सुख-दुख में भागीदार बनना भी है – और खेती के माध्यम से वे यह कार्य पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।



