“अनुशासन बना वजह, चार छात्राएं अस्पताल में भर्ती — शिक्षिका की सजा से बिगड़ी छात्राओं की तबीयत” इलाजरत छात्राओं से मिलने पहुंचे विधायक

Manbhum Updates
2 Min Read

“अनुशासन बना वजह, चार छात्राएं अस्पताल में भर्ती — शिक्षिका की सजा से बिगड़ी छात्राओं की तबीयत” इलाजरत छात्राओं से मिलने पहुंचे विधायक

जमशेदपुर/पटमदा, 28 जुलाई | पटमदा प्रखंड के बांगुड़दा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सोमवार को अनुशासन के नाम पर दी गई कठोर सजा चार छात्राओं की सेहत पर भारी पड़ गई। श्रावण सोमवारी के दिन पूजा कर लौटने के बाद प्रार्थना सभा में कुछ मिनट की देरी होने पर एक शिक्षिका द्वारा कथित रूप से 200 बार उठक-बैठक की सजा दी गई। इससे छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं और उनकी स्थिति गंभीर हो गई।

बेहोश हुई छात्राएं—प्रियंका महतो (कुमीर गांव), अष्टमी महतो और दयावती प्रमाणिक (लोवाडीह) तथा पूर्णिमा महतो (गेरुवाला)—को आनन-फानन में माचा सीएचसी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया गया।

सूचना मिलते ही जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, भाजपा नेता विमल बैठा, विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू, झामुमो नेता सुभाष कर्मकार एवं अन्य लोग अस्पताल पहुंचे और छात्राओं का हालचाल लिया। विधायक ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके मंधान से बात कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा।

विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू ने बताया कि चारों छात्राएं खतरे से बाहर हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन की लापरवाही और अनुशासन के कठोर तरीके पर सवाल जरूर खड़े होते हैं। वहीं, लोवाडीह निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सुशील महतो ने इस घटना को ‘शारीरिक दंड की क्रूर मिसाल’ करार देते हुए शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और दंड की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। बच्चों की सेहत और मानसिक स्थिति को नजरअंदाज कर इस तरह की सख्ती क्या उचित है—यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

Share This Article