सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में रेलवे ने बनाया नया कीर्तिमान, उपराष्ट्रपति ने दिया ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’

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देशभर के 12,495 रेल भवनों की छतों पर लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम, 351 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर रेल मंत्रालय ने हासिल किया राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान

 

नई दिल्ली/रांची, 06 नवंबर : भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देशभर में रेलवे के 12,495 भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए रेल मंत्रालय को प्रतिष्ठित ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रेल मंत्रालय को यह पुरस्कार प्रदान किया।

‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ के तहत केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा सर्वाधिक भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने की श्रेणी में रेल मंत्रालय ने पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि सार्वजनिक संस्थानों में अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

424 मेगावाट के लक्ष्य के मुकाबले 351 मेगावाट क्षमता स्थापित

रेल मंत्रालय ने देशभर में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए कुल 15,868 उपयुक्त रेल भवनों की पहचान की थी। इनमें से अब तक 12,495 भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। यानी चिन्हित भवनों में लगभग 79 प्रतिशत भवन सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।

मंत्रालय ने 424 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसके मुकाबले अब तक 351 मेगावाट क्षमता हासिल कर ली गई है। शेष भवनों पर भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया जारी है।

मार्च 2027 तक सभी उपयुक्त भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य

इस राष्ट्रीय अभियान के तहत देशभर के 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कुल 39,135 भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से अब तक 25,984 भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यह कुल चिन्हित भवनों का लगभग 66 प्रतिशत है। इस उपलब्धि में रेल मंत्रालय की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है।

रेल मंत्रालय ने मार्च 2027 तक शेष सभी उपयुक्त रेल भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने, बिजली खर्च में बचत और स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय की यह उपलब्धि भारतीय रेलवे को अधिक ऊर्जा सक्षम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के व्यापक इस्तेमाल के लिए दूसरे मंत्रालयों और विभागों के सामने भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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