
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत चार मंडलों में हुई कार्रवाई, रांची मंडल में 33 और चक्रधरपुर मंडल में 15 बच्चों को कराया गया सुरक्षित
कोलकाता, 06 नवंबर : रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भटक रहे तथा विभिन्न परिस्थितियों में संकट का सामना कर रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर दक्षिण पूर्व रेलवे का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में अक्टूबर 2026 के दौरान आरपीएफ ने अपने चारों मंडलों में अभियान चलाकर कुल 93 बच्चों को सुरक्षित बचाया। इनमें 56 बालक और 37 बालिकाएं शामिल हैं। वहीं, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ जवानों ने दो लोगों की जान भी बचाई।
दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत खड़गपुर मंडल में सर्वाधिक 34 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इसके अलावा रांची मंडल में 33, चक्रधरपुर मंडल में 15 और आद्रा मंडल में 11 बच्चों को संरक्षण प्रदान किया गया।
चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडल में बचाई दो जान
वहीं, ‘मिशन जीवन रक्षा’ के तहत अक्टूबर महीने में आरपीएफ ने दो लोगों की जान बचाने में सफलता हासिल की। इनमें एक मामला चक्रधरपुर मंडल और दूसरा खड़गपुर मंडल का है। आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से दोनों लोगों को जीवनरक्षक सहायता मिल सकी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 1292 बच्चों को बचाया
रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के आरपीएफ जवानों ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कुल 1292 बच्चों को सुरक्षित बचाया था। वहीं, ‘मिशन जीवन रक्षा’ के तहत 66 लोगों की जान बचाई गई थी।
रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता को इन सफल अभियानों का आधार बताया है। इन अभियानों के जरिए रेलवे सुरक्षा बल न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि संकट में फंसे बच्चों और जरूरतमंद लोगों के लिए भी मददगार साबित हो रहा है।