
नीमडीह और कुकड़ू के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की जगी उम्मीद, चांडिल डैम के पानी से खेतों तक पानी पहुंचाने की वर्षों पुरानी मांग को मिली स्वीकृति
चांडिल, 29 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के किसानों के लिए चांडिल जलाशय से मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी ने खुशी जताई है। संगठन ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो के प्रति आभार व्यक्त किया है।
विस्थापित मुक्ति वाहिनी नेता अंबिका यादव ने कहा कि वाहिनी लंबे समय से चांडिल डैम के पानी का उपयोग स्थानीय किसानों के खेतों तक पहुंचाने और क्षेत्र में सिंचाई की समुचित व्यवस्था करने की मांग उठाती रही है। संगठन के अनुसार, योजना की स्वीकृति से किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। अब किसानों को योजना के धरातल पर उतरने और खेतों तक पानी पहुंचने का इंतजार है।
संगठन ने कहा कि चांडिल डैम के निर्माण के दौरान क्षेत्र के अनेक परिवारों को विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा। इसके बावजूद आसपास के कई किसान सिंचाई की पर्याप्त सुविधा से वंचित रहे हैं। ऐसे में डैम के पानी से नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड में सिंचाई की व्यवस्था होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विस्थापित मुक्ति वाहिनी ने राज्य सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधा का विस्तार क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। संगठन ने विधायक सविता महतो द्वारा सिंचाई की समस्या को उठाने और इसके समाधान के लिए किए गए प्रयासों का भी स्वागत किया।
इस मौके पर नारायण गोप, अंबिका यादव, भजन गोप, ईश्वर गोप, दिनेश सोरेन, रवि मार्डी, गुरु पद मांझी, नरेन किस्कू, श्यामल मार्डी सहित अन्य लोग मौजूद थे।



