शहादत दिवस पर मधुश्री महतो और सुनील महतो ने भरी हुंकार, युवाओं से बड़े आंदोलन का किया आह्वान

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तिरुलडीह गोलीकांड के शहीद अजित और धनंजय महतो को दी श्रद्धांजलि, कहा- जिन सपनों के लिए हुआ था झारखंड आंदोलन, वे आज भी अधूरे

 

कुकडू, 21 अक्टूबर : तिरुलडीह गोलीकांड के शहादत दिवस पर कुकडू प्रखंड के सिरुम स्थित शहीद चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो और झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद अजित महतो और धनंजय महतो को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शहीदों के बलिदान को याद करते हुए झारखंड आंदोलन के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के दौरान मधुश्री महतो और सुनील महतो ने तिरुलडीह स्थित शहीद बेदी एवं प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सिरुम शहीद चौक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि शहीदों का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहा है। लाखों शहीदों और अनगिनत आंदोलनकारियों के संघर्ष, परिश्रम और त्याग के परिणामस्वरूप झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों के विचारों पर अमल करके ही समृद्ध और खुशहाल झारखंड का निर्माण किया जा सकता है।

वहीं, झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो ने कहा कि 21 अक्टूबर 1982 को हुए तिरुलडीह गोलीकांड में वे स्वयं भी शामिल थे। झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद जिन सपनों और उद्देश्यों को लेकर आंदोलन किया गया था, वे आज भी अधूरे हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राज्य के वर्तमान हालात को देखते हुए एक बार फिर बड़े आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की तर्ज पर होने वाले ऐसे आंदोलन का नेतृत्व युवाओं को आगे बढ़कर करना होगा।

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