सरायकेला-खरसावां में जल संरक्षण और पेयजल स्रोतों की स्वच्छता पर जोर, ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का भी किया गया निरीक्षण
सरायकेला, 13 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले में जल संरक्षण, पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जल जनभागीदारी अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरायकेला प्रमंडल में यह अभियान 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत कक्षा आठवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को पेयजल की गुणवत्ता जांचने, पानी के नमूने एकत्र करने और स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जल गुणवत्ता और जल संरक्षण के प्रति समझ विकसित करना है।
अभियान के दौरान विभिन्न पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई भी की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पानी को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पेयजल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की कार्यप्रणाली की ली जानकारी
अभियान के अंतर्गत एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का भ्रमण कर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, संचालन और रखरखाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की कार्यप्रणाली को समझना और उनके बेहतर संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जल जनभागीदारी अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान में जल संसाधनों के संरक्षण, पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया है।



