
13 अक्टूबर को धरना, मांग पूरी नहीं हुई तो 14 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
कुकड़ू, 07 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में करीब एक करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण अबतक शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने, जमीन का चयन होने और शिलान्यास तक हो जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसे लेकर अब ग्रामीण आंदोलन की तैयारी में हैं।
बताया गया कि जिला परिषद की 15वीं वित्त आयोग मद से कुकडू के सिरुम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की योजना को स्वीकृति मिली थी। स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद करीब 16 वर्षों के अंतराल में स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी। लेकिन स्वीकृति और शिलान्यास के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल को लेकर जांच और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर मामला लगातार लंबित रखा जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इसके पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप हो सकता है।
आंदोलन का ऐलान, 13 को धरना और 14 से भूख हड़ताल
निर्माण कार्य शुरू कराने समेत क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने 13 अक्टूबर को कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय में एक दिवसीय सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि 13 अक्टूबर को उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो 14 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2009 में नीमडीह प्रखंड की चार और ईचागढ़ प्रखंड की पांच पंचायतों को मिलाकर कुकड़ू प्रखंड का गठन किया गया था। गठन के 16 वर्ष बाद भी कई विभागों की मूलभूत संरचना और पदों की कमी बनी हुई है। आरोप है कि कई विभागों के अधिकारी दूसरे प्रखंडों से अतिरिक्त प्रभार में आते हैं, जिसके कारण स्थलीय निरीक्षण, योजनाओं का क्रियान्वयन और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।
छह प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण शुरू कराने के साथ विभिन्न विभागों में पद सृजित करने, तिरुलडीह थाना को कुकड़ू में नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित करने, आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका की नियुक्ति, कुकड़ू क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, अतिरिक्त विद्युत सबस्टेशन की स्थापना तथा जेएसएलपीएस के तहत कार्यरत महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुकड़ू सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्र में स्थित है, ऐसे में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, कृषि और रोजगार से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए संयोजक मंडली का गठन किया गया है। इसमें दुबराज महतो, झारखंड आंदोलनकारी नेता सुनील कुमार महतो, प्राण चंद्र महतो, आशीष कुमार महतो, गंगाधर महतो समेत अन्य वरिष्ठ लोगों को शामिल किया गया है।
अब देखना होगा कि 13 अक्टूबर के प्रस्तावित धरना से पहले जिला प्रशासन स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण समेत ग्रामीणों की अन्य मांगों पर क्या कदम उठाता है।