साहित्य और सम्मान के मंच पर ‘उत्तरायण’ का नया मुकाम, ‘हाड़ाई’ का सातवां अंक प्रकाशित
पुरुलिया, 06 अक्टूबर : पुरुलिया के साहित्यिक जगत में सक्रिय संस्था ‘उत्तरायण एक नया दिशा’ ने पत्रिका प्रकाशन और साहित्य सम्मान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। संस्था की वार्षिक साहित्यिक पत्रिका ‘हाड़ाई’ का सातवां अंक पुरुलिया सूचना एवं संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित समारोह में प्रकाशित किया गया। साहित्य प्रेमियों के बीच पहले से लोकप्रिय ‘हाड़ाई’ के नए अंक के प्रकाशन को लेकर साहित्यकारों और रचनाकारों में उत्साह देखा गया।
समारोह में ‘उत्तरायण एक नया दिशा’ के अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास मिश्र, वरिष्ठ कथा साहित्यकार सैकत रक्षित, वरिष्ठ कवि निर्मल हल्दार, निबंधकार डॉ. प्रबीर सरकार, कवि दिलीप बंद्योपाध्याय और संस्था के संपादक डॉ. ब्रतीन देवघरिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पिछले वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी ‘हाड़ाई’ समूह की ओर से साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए तीन साहित्यकारों को ‘साहित्य सम्मानना’ प्रदान की गई। इनमें वरिष्ठ कवि निर्मल हल्दार, वरिष्ठ कथा साहित्यकार सैकत रक्षित तथा शोधकर्ता एवं निबंधकार डॉ. प्रबीर सरकार शामिल रहे।
इसी मंच से ‘छातिम’ द्विमासिक साहित्य पत्रिका के सितंबर-अक्टूबर अंक का भी प्रकाशन किया गया। इसके अलावा वर्तमान साहित्य जगत और सोशल मीडिया के बदलते प्रभाव पर चर्चा सत्र आयोजित हुआ। इसमें साहित्यकार अजय गांगुली और पत्रकार अनुप मुखर्जी ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान वाचिक कलाकार शुभाशीष नियोगी, स्वरूप दत्त, सुदिन अधिकारी और अर्चना मुखोपाध्याय के साथ कवि तनुश्री चंद्र एवं सुप्रिय देवघरिया ने विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियां दीं। साहित्य और संस्कृति के इस आयोजन में स्मृति सम्मान भी प्रदान किए गए।
कविता के क्षेत्र में ‘हाड़ाई मली बंद्योपाध्याय स्मृति सम्मान’ कवि दिलीप बंद्योपाध्याय ने अपनी पत्नी की स्मृति में प्रदान किया। शोध एवं निबंध के क्षेत्र में समाजसेवी केया अधिकारी ने अपने पिता शिवप्रसाद अधिकारी की स्मृति में ‘शिवप्रसाद अधिकारी स्मृति सम्मान’ प्रदान किया। वहीं कथा साहित्य के क्षेत्र में अजय गांगुली ने अपने दादा-दादी फणीभूषण-ऊषारानी की स्मृति में ‘फणीभूषण-ऊषारानी स्मृति सम्मान’ प्रदान किया।
शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष सम्मान दिए गए। ‘विद्यासागर शिक्षा सम्मान’ के तहत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य शिशिर कुमार देवघरिया और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कुमार चक्रवर्ती को सम्मानित किया गया।
संस्था के संपादक डॉ. ब्रतीन देवघरिया ने कहा कि पुरुलिया के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें राज्य स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से संस्था लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि साहित्यिक प्रतिभाओं को सम्मानित करना संस्था के लिए खुशी और संतोष का विषय है।
समारोह में कवि डॉ. ब्रतीन देवघरिया की 18वीं कृति ‘नीरबतार शरीरे आगुन’ का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन दिब्येंदु शेखर बंद्योपाध्याय ने किया। टीम ‘उत्तरायण’ की ओर से श्वेता, मौमिता, माया, रूप, निवेदिता, गौतम नंदी और जीत ने संगीत प्रस्तुत किया।
साहित्य, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में कवि-साहित्यकार और साहित्यप्रेमी शामिल हुए। उपस्थित साहित्यकारों ने ‘हाड़ाई’ और ‘उत्तरायण’ की निरंतर प्रगति की कामना की।



