
ईचागढ़, 12 जून : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला के निर्देशानुसार प्रखंड ईचागढ़ के ग्राम पंचायत गौरांगकोचा अंतर्गत चंदनपुर गांव में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारा लीगल वॉलिंटियर (PLV) गंगा सागर पाल ने ग्रामीणों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
गंगा सागर पाल ने कहा कि “बाल श्रम बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है और वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी बाल श्रम में न झोंकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल श्रम एक कानूनी अपराध है। इसके अंतर्गत दोषी पाए जाने पर आर्थिक दंड के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना था, ताकि हर बच्चा पढ़े, बढ़े और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। कार्यक्रम में स्थानीय लोग, अभिभावक एवं युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही।


