चांडिल डैम के पुनर्वास स्थलों पर अवैध कब्जे का आरोप, विस्थापित मंच ने कार्रवाई की मांग उठाई

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चांडिल, 10 सितंबर : चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की ओर से 116 विस्थापित गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों को लेकर चल रही संवाद यात्रा के दूसरे चरण के चौथे दिन गुरुवार को विभिन्न पुनर्वास स्थलों का दौरा किया गया। यात्रा कपाली ए, कपाली बी, कांदरबेड़ा, चिलगू, गांगुडीह, केसरगाड़िया, डिमुडीह, बोराबिंदा होते हुए चावलीवासा पुनर्वास स्थल तक पहुंची।

इस दौरान विस्थापितों ने पुनर्वास स्थलों की बदहाल स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और पुनर्वास के लिए निर्धारित जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत मंच के समक्ष रखी। उनका आरोप है कि कई जगह खेल मैदान, श्मशान घाट, कब्रिस्तान और सामुदायिक उपयोग की जमीन भी अतिक्रमण की चपेट में है।

मंच के सदस्यों राकेश रंजन महतो, श्यामल मार्डी और जरासिंधू गोप ने कहा कि कपाली ए-बी पुनर्वास क्षेत्र में कथित तौर पर महज 30-32 लोगों को ही पर्चा मिला है, जबकि बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार अब भी अपने अधिकार से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जमीन नहीं मिलने के कारण कई परिवार दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने को मजबूर हैं।

मंच ने प्रशासन से सभी पुनर्वास स्थलों का निष्पक्ष सीमांकन कराने, कथित अवैध कब्जे की जांच कर कार्रवाई करने तथा वास्तविक विस्थापितों को जमीन और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। मंच ने संकेत दिया कि संवाद यात्रा पूरी होने के बाद आंदोलन की ठोस रणनीति तय की जाएगी।

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