सिंहभूम कॉलेज चांडिल में संस्कृत विभाग का दीक्षारम्भ समारोह आयोजित

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सिंहभूम कॉलेज चांडिल में संस्कृत विभाग का दीक्षारम्भ समारोह आयोजित

चांडिल, 02 सितंबर : सिंहभूम कॉलेज, चांडिल के संस्कृत विभाग की ओर से सत्र 2026-2030 के संस्कृत मेजर के नव-नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए ‘दीक्षारम्भ समारोह 2026 एवं विशेष व्याख्यान सत्र’ का आयोजन बिरसा मुंडा सभागार में किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य नव-प्रवेशी विद्यार्थियों को संस्कृत विषय की महत्ता, अकादमिक वातावरण, अनुशासन तथा भविष्य में करियर की संभावनाओं से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम की थीम ‘ज्ञान, परंपरा और सफलता का नव-शुभारम्भ’ रखी गई।

समारोह की शुरुआत कोल्हान विश्वविद्यालय की संस्कृत विषय की टॉपर एवं गोल्ड मेडलिस्ट अष्टमी महतो के वैदिक मंगलाचरण से हुई। इसके बाद संस्कृत विभाग की ओर से स्वागत संबोधन किया गया।

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्कृत विषय की रूपरेखा और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय चिंतन परंपरा की मजबूत नींव है।

ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वूमेन, जमशेदपुर की आगंतुक आचार्या एवं मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना सिन्हा ने विशेष व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। संस्कृत का अध्ययन न केवल मानसिक क्षमता को विकसित करता है और प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ता है, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान, अनुवाद, सिविल सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराता है।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील मुर्मू ने दीक्षारम्भ उद्बोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक अकादमिक वातावरण और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत मानवता की भाषा है। इसके अध्ययन से व्यक्ति बौद्धिक, संवेगात्मक और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ता है।

इस दौरान संस्कृत विभाग की पूर्ववर्ती मेधावी छात्राओं दानगी सोरेन, अष्टमी महतो, लीलावती कुमार एवं रूपा सिंह मुंडा को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। ये सभी कोल्हान विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय की विश्वविद्यालय टॉपर रह चुकी हैं और गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी हैं। सम्मानित छात्राओं ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों के साथ अपने संघर्ष, मेहनत, लगन और सफलता के अनुभव साझा किए तथा उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान नए विद्यार्थियों को कॉलेज के अकादमिक माहौल, नियमों एवं अनुशासन के साथ संस्कृत विषय में उच्च शिक्षा और करियर की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. पास्कल बैक ने किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक मंडल की डॉ. रिया शालिनी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सामूहिक शांतिपाठ के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ। मौके पर संस्कृत विभाग के शिक्षक डॉ. ज्योतिष कुमार सिंह, डॉ. राजेश कुमार मंडल, डॉ. नीलम कुमारी, डॉ. नेपाल चंद्र महतो, डॉ. प्रभास गोराई सहित अन्य शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नव-नामांकित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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