उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

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उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

जमशेदपुर, 18 जुलाई : समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अभियंताओं को सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने बागबेड़ा जलापूर्ति योजना को अगस्त माह में हर हाल में चालू करने तथा छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के विस्तारित क्षेत्र में भी जल्द जलापूर्ति शुरू करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने निर्देशित किया कि जिले की सभी सिंगल विलेज जलापूर्ति योजनाओं का एक माह के भीतर शत-प्रतिशत हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं का स्थानीय स्तर पर बेहतर संचालन एवं रखरखाव हो सके।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि झारजल, सीपीग्राम्स (CPGRAMS) तथा उपायुक्त कार्यालय में प्राप्त पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित जन शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बहरागोड़ा, चाकुलिया एवं पोटका प्रखंड में 100-100 तथा अन्य सभी प्रखंडों में 50-50 नाडेप (NADEP) इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की प्रगति बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा उठाव हेतु ई-रिक्शा की खरीद प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर जेम (GeM) पोर्टल पर प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त, जिले में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) की प्रगति को राज्य के औसत से आगे बढ़ाते हुए लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाएं आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए सभी पदाधिकारी व कर्मी निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जन शिकायतों का त्वरित समाधान एवं योजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

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