राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम गतिविधियों की समीक्षा की, समय पर जांच, उपचार एवं जनजागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश
सरायकेला, 15 जुलाई :राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा ने आज सिविल सर्जन कार्यालय, सरायकेला स्थित सभागार में आयोजित बैठक में जिले में संचालित मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह के साथ अन्य सम्बन्धित पदाधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मिशन निदेशक ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम, समय पर पहचान एवं त्वरित उपचार सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर भ्रमण कर बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की मलेरिया जांच करें तथा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान एवं जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित करें।
उन्होंने मलेरिया से बचाव के लिए जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कहा कि आमजन को नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जल जमाव नहीं होने देने तथा बुखार होने पर बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराने के प्रति जागरूक किया जाए।
मिशन निदेशक ने सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक संदिग्ध बुखार के मरीज की समय पर जांच, आवश्यक उपचार एवं नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सर्विलांस गतिविधियों को और सुदृढ़ करते हुए सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध जांच, उपचार, वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों, जनजागरूकता अभियान तथा विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह द्वारा आम नागरिकों से अपील की है कि मलेरिया से बचाव के उपाय अपनाएं, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार होने पर बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित कर मलेरिया संक्रमण की रोकथाम की जा सके।