आदिवासी युवती प्रकरण में त्वरित कार्रवाई से बढ़ा पुलिस पर भरोसा, एसपी निधि द्विवेदी की हो रही सराहना – कपाली प्रभारी धीरंजन कुमार व दो पुलिसकर्मी निलंबित

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

आदिवासी युवती प्रकरण में त्वरित कार्रवाई से बढ़ा पुलिस पर भरोसा, एसपी निधि द्विवेदी की हो रही सराहना – कपाली प्रभारी धीरंजन कुमार व दो पुलिसकर्मी निलंबित

चांडिल, 16 जून : सरायकेला खरसावां जिले के कपाली ओपी में आदिवासी युवती के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में सरायकेला-खरसावां पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने के निर्णय को स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और आदिवासी समुदाय ने निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।

गौरतलब है कि चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी अल्पना माहली ने कपाली पुलिस पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए चांडिल एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा था।

एसडीपीओ द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार, पुलिसकर्मी मोहम्मद मुकलेसुर रहमान तथा महिला पुलिसकर्मी कंचन की भूमिका सामने आने के बाद एसपी ने तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा है कि पुलिस अधीक्षक ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच कराते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है और यह संदेश जाता है कि कानून सभी के लिए समान है।

वहीं विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी एसपी की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच और कार्रवाई करना सराहनीय कदम है। संगठनों ने उम्मीद जताई है कि आगे की जांच भी निष्पक्ष रूप से पूरी की जाएगी और यदि किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी उचित कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।

फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच के अंतिम निष्कर्षों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article