राज्य प्रशासनिक सेवा में नौकरी की चाहत रखती है जिला टॉप अनामिका गोराई
चांडिल, 06 मई : झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट कला संकाय की परीक्षा में सरायकेला – खरसावां जिला टॉपर बनी अनामिका गोराई राज्य प्रशासनिक सेवा में नौकरी करने की चाहत रखती है। टॉपर बनने के बाद मानभूम अपडेट्स से बात करते हुए अनामिका गोराई बताती है कि राज्य के अंदर ही रहकर नौकरी कर समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक अपनी सेवा पहुंचाना चाहती है। वास्तव में उसका लक्ष्य नौकरी कर पैसे कमाना नहीं बल्कि नौकरी के माध्यम से जनसेवा करना है। जिला में टॉप करने पर उन्होंने इसका श्रेय अपने गुरुजनों के साथ परिवार के सभी सदस्यों को दिया।
नियमित पढ़ाई बना सहायक
इस सफलता पर उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई और लक्ष्य प्राप्ति का जूनून उसके मुकाम हासिल करने में सहायक बना। स्कूल में पढ़ाई के बाद वह ऑन लाइन कोचिंग भी करती थी। मोबाइल के साथ उसका नाता पढ़ाई तक ही सीमित रहता था। अनामिका बताती है कि विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षक है और सभी नियमित कक्षा भी लेते हैं। बच्चे होनहार बने इसके लिए विद्यालय में मासिक परीक्षा भी होती थी। विद्यालय के बाद घर में भी नियमित रूप से पढ़ाई करती थी। उसका लक्ष परीक्षा में बेहतर करने का था। इसी लक्ष्य को साधते हुए उन्होंने अपना प्रयास किया, जिसका नतीजा रहा कि अनमिका जिला में टॉपर बन गई।
पिता चिकित्सक व मां गृहणी
जिला टॉपर अनामिका के पिता अनिरूद्ध गोराई पेशे से चिकित्सक है और मा मंजु गोराई गृहणी हैं। पिता अनिरूद्ध गोराई और मां मंजु गोराई बेटी की इस सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं। दरअसल माता-पिता भी चाहते थे कि उसकी बेटी बेहतर प्रदर्शन करे। इसके लिए उन्होंने बेटी को हर जरूरत की चीजे मुहैया कराया। पढ़ाई में कभी बाधा उत्पन्न नहीं कराया। उनके पिता का कहना है कि बेटी आगे चलकर जिस क्षेत्र में अपना उच्च शिक्षा हासिल करना चाहती है उसे करने देंगे। बेटी के सपनों को साकार करने में हर संभव कोशिश करेंगे।