सरायकेला, 30 अप्रैल : जिले की विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित क्राइम रिव्यू बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा तय की गई। बैठक में सरायकेला एवं चांडिल के एसडीपीओ, प्रशिक्षु डीएसपी, सभी थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। नए आपराधिक कानूनों के तहत मामलों के त्वरित और समयबद्ध निष्पादन पर जोर देते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा बैठक में पुलिस अधिकारियों को कुछ प्रमुख विषयों पर संक्षिप्त प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेष रूप से ई-साक्ष्य (डिजिटल साक्ष्य) के उपयोग पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसके संग्रहण एवं अपलोड की प्रक्रिया से अवगत कराया गया, ताकि अनुसंधान कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि आगामी अप्रैल माह की क्राइम मीटिंग की तैयारियों को लेकर भी रणनीति बनाई गई है। 15 मई तक अप्रैल माह की समीक्षा रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष फोकस रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले सप्ताह में सभी थाना प्रभारियों के लिए फर्स्ट एड प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही ई-साक्ष्य समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर एक विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करने की योजना है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ संवेदनशीलता के स्तर पर भी पुलिस बल को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है।